मेरठ ललिता गौतम हत्याकांड: न्याय की मांग पर हंगामा, पुलिस लाठीचार्ज और वायरल VIDEO ने मचाई हलचल
मेरठ ललिता गौतम हत्याकांड: न्याय की मांग पर हंगामा, पुलिस लाठीचार्ज और वायरल VIDEO ने मचाई हलचल
मेरठ से सामने आए एक वायरल वीडियो ने पुलिस कार्रवाई और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह वीडियो उस समय का बताया जा रहा है, जब ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग कर रहे लोगों का प्रदर्शन चल रहा था।
वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति, जिन्हें वकील रवि गौतम बताया जा रहा है, के साथ पुलिस वाहन के अंदर मारपीट की गई। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई कि आखिर एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी को ऐसी स्थिति में किस तरह का व्यवहार करना चाहिए?
अब सवाल यह है कि अगर कोई व्यक्ति पुलिस हिरासत में है, तो क्या उसके साथ इस तरह का व्यवहार किया जाना उचित है? क्या कानून व्यवस्था संभालने वाले अधिकारियों से यह उम्मीद नहीं की जाती कि वे हर परिस्थिति में संयम और संवेदनशीलता बनाए रखें?
लोग पूछ रहे हैं कि पुलिस का काम कानून के दायरे में कार्रवाई करना है या किसी व्यक्ति पर हाथ उठाना? क्या किसी भी अधिकारी को अपनी शक्ति का इस्तेमाल करते समय मानवता और मर्यादा का ध्यान नहीं रखना चाहिए?
यह मामला सिर्फ एक वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि जनता और पुलिस के बीच भरोसा कैसे बना रहेगा। क्योंकि पुलिस से आम नागरिक सुरक्षा, न्याय और निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद करता है।
अब आपको बताते हैं पूरा मामला क्या है।
मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र की रहने वाली 20 वर्षीय बीए सेकंड ईयर की छात्रा ललिता गौतम मई 2026 में कॉलेज परीक्षा देने के लिए निकली थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी। बाद में उसका शव गन्ने के खेत से बरामद हुआ।
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में हत्या की बात कबूल की। वहीं मृतका के परिवार और समर्थकों का आरोप है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हैं और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इसी मांग को लेकर बुधवार को मेरठ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में लोग न्याय की मांग को लेकर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान सड़क पर जाम लग गया।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों से जाम हटाने की अपील की गई थी, लेकिन स्थिति नहीं संभलने पर बल प्रयोग किया गया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
इसी दौरान वकील रवि गौतम को हिरासत में लिए जाने और पुलिस वाहन के अंदर उनके साथ कथित मारपीट का वीडियो सामने आया, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठने लगे।
वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से कहा गया है कि कुछ बाहरी लोग प्रदर्शनकारियों को भड़काने और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे। एसएसपी अविनाश पांडेय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की।
लेकिन वायरल वीडियो के बाद जनता के मन में कई सवाल हैं।
क्या एक अधिकारी को ऐसी स्थिति में धैर्य नहीं रखना चाहिए था?
क्या हिरासत में लिए गए व्यक्ति के साथ ऐसा व्यवहार सही माना जा सकता है?
क्या पुलिस की जिम्मेदारी केवल कार्रवाई करना है या संवेदनशीलता के साथ कानून लागू करना भी है?
क्या वर्दी पहनने वाले अधिकारियों के लिए भी जवाबदेही तय नहीं होनी चाहिए?
वहीं इस मामले पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि, “भाजपा राज में पुलिस अन्याय का रिकॉर्ड तोड़ रही है। मेरठ में दलित समाज की बेटी ललिता गौतम के लिए न्याय की आवाज उठाने पर प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार सहित अन्य लोगों पर किया गया प्रहार और लाठीचार्ज बेहद निंदनीय है।”
उन्होंने आगे कहा कि, “जब प्रदेश-प्रमुख ही सरेआम एक मृतक की मां के साथ असंवेदनशील होने का उदाहरण प्रस्तुत करेंगे तो उनकी पुलिस से कोई उम्मीद करना बेमानी है।”
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो और पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
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