रायबरेली को 879 करोड़ की सौगात: CM योगी ने 346 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास, राणा बेनी माधव स्मृति सभागार का भी उद्घाटन
CM योगी आदित्यनाथ ने रायबरेली में 879 करोड़ रुपये से अधिक की 346 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। राणा बेनी माधव स्मृति सभागार और डिजिटल ई-लाइब्रेरी का लोकार्पण, 60 परिवारों को आवासीय पट्टे और विद्यालय बंद किए जाने पर सवाल।
रायबरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को रायबरेली दौरे के दौरान जिलेवासियों को 879 करोड़ रुपये से अधिक की 346 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के प्रमुख नायक और ‘अवध केसरी’ राणा बेनी माधव बख्श सिंह की 222वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘भाव समर्पण कार्यक्रम’ में हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री के रायबरेली दौरे के दौरान विकास परियोजनाओं के अलावा गरीब और बेघर परिवारों को आवासीय पट्टे वितरित किए गए। वहीं, अमोल विहार में राणा बेनी माधव बख्श सिंह की स्मृति में बनाए गए नवनिर्मित स्मृति सभागार (ऑडिटोरियम) और डिजिटल ई-लाइब्रेरी का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।
879 करोड़ से अधिक की 346 विकास परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे में रायबरेली जिले के लिए 879 करोड़ रुपये से अधिक की 346 विकास परियोजनाएं प्रमुख आकर्षण रहीं। इन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।
इन विकास कार्यों को जिले में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने और विभिन्न क्षेत्रों में विकास को गति देने से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान जिले के विकास से संबंधित कई परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया गया।
अमोल विहार में राणा बेनी माधव स्मृति सभागार का लोकार्पण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमोल विहार में राणा बेनी माधव बख्श सिंह की स्मृति में बनाए गए नवनिर्मित स्मृति सभागार (ऑडिटोरियम) और डिजिटल ई-लाइब्रेरी का लोकार्पण किया।
करीब 50 करोड़ रुपये के कुल प्रोजेक्ट के तहत इस परिसर को तैयार किया गया है। इसमें स्मृति सभागार के निर्माण पर 36.09 करोड़ रुपये की लागत आई है।
मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित परिसर का फीता काटकर लोकार्पण किया और इसे जनता को समर्पित किया। स्मृति सभागार और डिजिटल ई-लाइब्रेरी को राणा बेनी माधव बख्श सिंह की स्मृति को संरक्षित करने के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों के लिए उपयोगी सार्वजनिक सुविधा के तौर पर देखा जा रहा है।
राणा बेनी माधव बख्श सिंह की 222वीं जयंती पर भाव समर्पण कार्यक्रम
रायबरेली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राणा बेनी माधव बख्श सिंह की 222वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘भाव समर्पण कार्यक्रम’ में हिस्सा लिया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने राणा बेनी माधव बख्श सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन और श्रद्धांजलि अर्पित की।
राणा बेनी माधव बख्श सिंह को 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के प्रमुख नायकों में शामिल किया जाता है। रायबरेली में उनकी स्मृति से जुड़े कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उनके योगदान को याद किया।
सपेरा समुदाय समेत 60 गरीब और बेघर परिवारों को आवासीय पट्टे
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में सपेरा समुदाय समेत 60 गरीब और बेघर परिवारों को आवासीय पट्टे भी वितरित किए गए।
आवासीय पट्टे मिलने से पात्र गरीब और बेघर परिवारों को अपने आशियाने के लिए जमीन उपलब्ध होने का रास्ता साफ हुआ है। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को मुख्यमंत्री की ओर से पट्टे सौंपे गए।
सरकार की ओर से गरीब परिवारों को आवास और जमीन उपलब्ध कराने के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बीच रायबरेली में 60 परिवारों को आवासीय पट्टे वितरण कार्यक्रम का हिस्सा रहा।
जनसभा में मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधन
विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सरकार की विकास योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख किया।
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पर भी तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए अपनी सरकार के विकास कार्यों और नीतियों को जनता के सामने रखा।
इस दौरान मुख्यमंत्री के संबोधन में विकास के साथ-साथ राजनीतिक मुद्दे भी प्रमुख रूप से सामने आए।
मुख्यमंत्री के आगमन पर रायबरेली के विद्यालयों को बंद किए जाने पर सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रायबरेली आगमन के दौरान रायबरेली के विद्यालयों को बंद किए जाने का मुद्दा भी चर्चा का विषय बना।
इसी को लेकर सवाल उठता है कि माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन पर आखिर रायबरेली के विद्यालयों को क्यों बंद किया गया? आखिर इसकी वजह क्या थी?
विद्यालयों को बंद किए जाने के पीछे प्रशासनिक अथवा सुरक्षा संबंधी कारण रहे या कोई अन्य वजह थी—यह सवाल लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस मामले में आधिकारिक तौर पर जो कारण बताए गए हों, उनके आधार पर ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल विद्यालय बंद किए जाने को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग तरह की चर्चाएं हैं।
विद्यालय बंद किए जाने पर आपकी क्या राय है?
मुख्यमंत्री के आगमन पर रायबरेली के विद्यालयों को बंद किए जाने को लेकर आपकी क्या राय है?
क्या मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विद्यालयों को बंद करना उचित था? या विद्यालयों को सामान्य रूप से संचालित किया जाना चाहिए था?
आपकी नजर में विद्यालय बंद किए जाने की वजह क्या हो सकती है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।
विकास और विरासत दोनों पर रहा फोकस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रायबरेली दौरे में एक ओर जहां 879 करोड़ रुपये से अधिक की 346 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया, वहीं दूसरी ओर राणा बेनी माधव बख्श सिंह की स्मृति से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से ऐतिहासिक विरासत को भी केंद्र में रखा गया।
अमोल विहार में स्मृति सभागार और डिजिटल ई-लाइब्रेरी का लोकार्पण, राणा बेनी माधव बख्श सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण, गरीब और बेघर परिवारों को आवासीय पट्टे तथा विकास परियोजनाओं की सौगात मुख्यमंत्री के दौरे के प्रमुख हिस्से रहे।
मुख्यमंत्री के दौरे की प्रमुख बातें
* 879 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात।
* 346 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास।
* अमोल विहार में राणा बेनी माधव बख्श सिंह स्मृति सभागार का लोकार्पण।
* डिजिटल ई-लाइब्रेरी का भी लोकार्पण।
* स्मृति सभागार की निर्माण लागत 36.09 करोड़ रुपये।
* पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 50 करोड़ रुपये।
* राणा बेनी माधव बख्श सिंह की 222वीं जयंती पर ‘भाव समर्पण कार्यक्रम’।
* उनकी प्रतिमा पर मुख्यमंत्री ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
* सपेरा समुदाय समेत 60 गरीब और बेघर परिवारों को आवासीय पट्टे वितरित।
* जनसभा में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, राहुल गांधी और अजय राय पर राजनीतिक निशाना साधा।
* मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान रायबरेली के विद्यालयों को बंद किए जाने को लेकर सवाल भी उठे।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रायबरेली दौरा विकास परियोजनाओं, ऐतिहासिक विरासत और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। जिले को 879 करोड़ रुपये से अधिक की 346 विकास परियोजनाओं की सौगात मिली। वहीं राणा बेनी माधव बख्श सिंह की स्मृति में तैयार स्मृति सभागार और डिजिटल ई-लाइब्रेरी का लोकार्पण कर इसे जनता को समर्पित किया गया।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री के आगमन पर रायबरेली के विद्यालयों को बंद किए जाने का सवाल भी लोगों के बीच चर्चा में रहा। विद्यालय आखिर क्यों बंद किए गए—इसकी वजह क्या थी? इस सवाल पर अब लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है।
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